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परशुरामपुर और पुरानी बस्ती में गांजा, स्मैक, कच्ची शराब और जुए के कथित कारोबार को लेकर उठे सवाल, पुलिस के उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
बस्ती। जिले में अपराध और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के पुलिस प्रशासन के दावों के बीच जुआ और मादक पदार्थों के कथित अवैध कारोबार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। परशुरामपुर और पुरानी बस्ती थाना क्षेत्रों में गांजा, स्मैक, कच्ची शराब की कथित तस्करी और जुए के कारोबार को लेकर चर्चाएं तेज हैं। स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि पहले पुलिस की सख्ती के चलते इन गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगा था, लेकिन बीते एक माह से अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के दोबारा सक्रिय होने की चर्चाएं सामने आ रही हैं।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, करीब एक वर्ष पूर्व तत्कालीन पुलिस अधिकारियों की सख्ती के बाद जुआ और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल कई लोगों ने अपने ठिकाने बदल दिए थे। उस समय अवैध गतिविधियों पर काफी हद तक लगाम लगने की बात सामने आई थी। हालांकि, अब आरोप है कि कुछ पुराने नेटवर्क फिर से सक्रिय होने लगे हैं।
सूत्रों के दावों के अनुसार, परशुरामपुर थाना क्षेत्र में कच्ची शराब, गांजा और स्मैक के कथित अवैध कारोबार को लेकर शिकायतें और चर्चाएं सामने आ रही हैं। वहीं पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में भी गांजा समेत अन्य मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। क्षेत्र में इन गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि अवैध कारोबार दोबारा पैर पसार रहा है तो स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिल रही है? क्या पुलिस की निगरानी व्यवस्था कमजोर पड़ रही है या फिर इन गतिविधियों के पीछे किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण है? हालांकि, पुलिस संरक्षण से जुड़े आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार लगातार नशे के अवैध कारोबार, मादक पदार्थों की तस्करी और जुए के अड्डों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश देती रही है। ऐसे में यदि जिले के दो थाना क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियां संचालित हो रही हैं तो यह कानून-व्यवस्था के साथ-साथ युवाओं के भविष्य के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है।
अब जरूरत है कि पुलिस अधीक्षक समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर परशुरामपुर और पुरानी बस्ती थाना क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कराएं। साथ ही अवैध कारोबार में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल बड़ा सवाल यही है कि बस्ती में कथित तौर पर दोबारा सक्रिय हो रहे जुआ और नशे के नेटवर्क पर पुलिस कब शिकंजा कसेगी और इन गतिविधियों के पीछे शामिल लोगों का खुलासा कब होगा?

