
बस्ती जिले के मखौड़ा में स्थित भगवान श्री राम के उद्भव स्थली को अयोध्या मखौड़ा कारीडोर के रूप में विकसित करने और पवित्र मनोरमा नदी की सफाई और तट बाँधो को ठीक करने के लिए हरेया के विधायक अजय सिंह मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से मिलकर बजट स्वीकृत करने का अनुरोध किया है।
हरैया विधानसभा क्षेत्र के प्राचीन मखौड़ा धाम तथा मनोरमा नदी के सौन्दर्यीकरण और संरक्षण को लेकर हरैया विधायक अजय सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी प्रमुख मांगों को रखा। विधायक ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि मखौड़ा धाम मंदिर अत्यंत प्राचीन होने के कारण जीर्ण-क्षीर्ण होकर गिर गया था। यह वही पवित्र स्थल है, जहां भगवान श्रीराम के जन्म से पूर्व महाराजा दशरथ द्वारा पुत्रेष्टि यज्ञ कराया गया था, इसलिए यह स्थान करोड़ों हिन्दुओं की आस्था का केन्द्र है।

विधायक अजय सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने निजी संसाधनों से मखौड़ा धाम में चार शिखरों वाला दिव्य और भव्य मंदिर निर्माण कार्य शुरू कराया है, जो पिछले तीन वर्षों से लगातार चल रहा है। मंदिर निर्माण अब अंतिम चरण में है और लगभग तीन माह में इसके पूर्ण होने की संभावना है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि मंदिर परिसर के सौन्दर्यीकरण तथा मखौड़ा धाम से अयोध्या धाम तक प्रस्तावित “श्रीराम अवतरण कॉरिडोर” परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि मंदिर का उद्घाटन समय पर भव्य रूप से कराया जा सके।
इसके साथ ही विधायक ने जनपद बस्ती की ऐतिहासिक और पौराणिक पहचान मानी जाने वाली मनोरमा नदी की बदहाल स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नदी अत्यधिक गंदगी और जलकुंभी से पट चुकी है, जिससे उसका मूल स्वरूप और निर्मलता लगातार समाप्त होती जा रही है। यह नदी अयोध्या की चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग के आरम्भ स्थल प्रसिद्ध तीर्थ मखौड़ा धाम से जुड़ी हुई है, इसलिए इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत बड़ा है।
विधायक अजय सिंह ने मुख्यमंत्री से मांग की कि मनोरमा नदी के लगभग 115 किलोमीटर लंबे हिस्से की साफ-सफाई, डी-सिल्टिंग और जलकुंभी हटाने का कार्य आधुनिक मशीनों के माध्यम से कराया जाए। उन्होंने कहा कि इससे न केवल नदी का अस्तित्व और पवित्रता बचेगी, बल्कि क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायक की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का भरोसा दिलाया। इलाके के लोगों में उम्मीद जगी है कि मखौड़ा धाम और मनोरमा नदी के पुनरोद्धार से यह क्षेत्र धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से नई पहचान प्राप्त करेगा।

