खेत तालाब योजना के तहत किसानों की आय बढ़ाने की पहल

 

बस्ती / जनपद में किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने, भूजल स्तर बढ़ाने तथा किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” घटक में खेत तालाब योजना संचालित की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु इच्छुक किसानों से ऑनलाइन पंजीकरण आमंत्रित किए गए हैं। उक्त जानकारी देते हुए भूमि संरक्षण अधिकारी डा. राजमंगल चौधरी ने बताया कि इच्छुक किसान विभागीय पोर्टल http://agriculture.up.gov.in पर जाकर “खेत तालाब पर अनुदान हेतु टोकन निकालें और बिल अपलोड करें” लिंक के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
उन्होने बताया कि पंजीकरण के उपरांत लघु तालाब के लिए 1000 टोकन मनी ऑनलाइन अथवा यूनियन बैंक की शाखा में जमा करनी होगी। टोकन मनी जमा होने की पुष्टि के बाद 15 दिनों के भीतर निर्धारित खेत की फोटो, खतौनी तथा घोषणा पत्र अपलोड करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय में अभिलेख अपलोड न करने पर टोकन मनी जब्त कर दी जाएगी तथा प्रतीक्षा सूची के अगले किसान को अवसर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत लाभार्थियों का चयन प्रथम आवक-प्रथम पावक के आधार पर किया जाएगा तथा किसान पहचान पत्र (फार्मर आईडी) प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। बिना फार्मर आईडी के अनुदान देय नहीं होगा। योजना के अंतर्गत लघु खेत तालाब निर्माण हेतु किसानों को दो किस्तों में कुल रू. 52,500/- का अनुदान प्रदान किया जाएगा। किसान अपने संसाधनों से लगभग 22×20 मीटर आकार एवं 3 मीटर गहराई का तालाब बनवा सकते हैं। आवश्यकतानुसार बड़े आकार के तालाब निर्माण पर अतिरिक्त मृदा कार्य का भुगतान मनरेगा की दरों के अनुसार किया जाएगा।
उन्होने बताया कि खेत तालाब बनने से जहां वर्षा जल का संचयन होगा, वहीं किसान मछली पालन, सिंघाड़ा आदि की खेती कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त तालाब पर वाटर लिफ्टिंग डिवाइस (पंपसेट) हेतु भी 50 प्रतिशत, अधिकतम रू. 15,000/- तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा। भूमि संरक्षण अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में योजना का लाभ उठाकर अपनी आय में वृद्धि करें एवं जल संरक्षण में योगदान दें।

Amit Kumar Singh
Author: Amit Kumar Singh