शासन की ट्रांसफर नीति बस्ती में फेल, स्थानांतरण के बाद 18 वर्षों से DSO ऑफिस में जमे पूर्ति लिपिक नवीन चौधरी, 

बस्ती- जिला पूर्ति कार्यालय बस्ती में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। 18 वर्षों से तैनात पूर्ति लिपिक नवीन चौधरी का DSO ऑफिस से मोह भंग नहीं हो रहा है ।
सूत्रों के अनुसार पूर्ति लिपिक नवीन चौधरी को आपूर्ति कार्यालय हरैया में सम्बद्ध किया गया है, फिर भी DSO कार्यालय बस्ती में ही जमा रहता हैं । DSO बस्ती विमल शुक्ला की मिलीभगत से नवीन चौधरी रिलीव नहीं हो रहे हैं । लंबे समय से DSO ऑफिस में तैनाती के कारण जिले के सभी कोटेदारों से अवैध वसूली में माहिर है । सभी कोटेदारों से वसूली के कारण DSO ऑफिस में ‘कमाऊ पूत’ के नाम से पूर्ति लिपिक नवीन चौधरी को पुकारा जाता हैं । पूर्ति लिपिक की मनमानी के चलते DSO भी मजबूर हैं कि यदि हम पूर्ति लिपिक नवीन चौधरी का स्थानांतरण आपूर्ति कार्यालय हर्रैया जहां हुआ है वहां पूर्ति लिपिक को भेज दे तो पता नहीं आने वाला नया पूर्ति लिपिक कोटेदारों से प्रतिमाह कमीशन वसूल पायेगा कि नही ? पूर्ति लिपिक की लम्बी तैनाती के कारण DSO कार्यालय में में भ्रष्टाचार खत्म नहीं हो पा रहा है ।
अब बड़ा सवाल यह है कि DSO विमल शुक्ला पूर्ति लिपिक नवीन चौधरी को रिलीव क्यों नहीं कर रहे? सम्बद्धता के बाद भी DSO ऑफिस में बने रहना नियमों का उल्लंघन है। DSO विमल शुक्ला व पूर्ति लिपिक नवीन चौधरी प्रदेश सरकार की साफ सुथरी छवि धूमिल कर रहे हैं।
वही इसकी शिकायत प्रमुख सचिव, खाद्य एवं रसद विभाग, लखनऊ से भी की गई है।

Amit Kumar Singh
Author: Amit Kumar Singh