
बस्ती/कानूनी जागरूकता बल्कि निर्धन कमजोर व असहाय लोगों को न्याय दिलाने के लिये उन्हें कानूनी परिधि में लाना भी है ।पराविधिक स्वयं सेवकों का आवाह्न किया कि वह अपने कार्यक्षेत्र में ऐसे लोगों को चिन्हित करें जिन्हें कानूनी सहायता की आवश्यकता है।
आज जनपद न्यायाधीश शमसुल हक ने अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह में आयोजित एक दिवसीय पैरालीगल प्रशिक्षण कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए कहा कि पैरालीगल (अधिकार मित्र) आम लोगों के बीच में न केवल कानूनी जागरूकता बल्कि निर्धन कमजोर व असहाय लोगों को न्याय दिलाने के लिये उन्हें कानूनी परिधि में लाना भी है उन्होंने पराविधिक स्वयं सेवकों का आवाह्न किया कि वह अपने कार्यक्षेत्र में ऐसे लोगों को चिन्हित करें जिन्हें कानूनी सहायता की आवश्यकता है। फिर उन्हें कानूनी सहायता दिलाने के लिये जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का सहयोग प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि पराविधिक स्वयं सेवक योजना की शुरूआत 2009 में की गयी थी। अधिकार मित्रों के प्रशिक्षण, उनके ज्ञान संवर्धन के लिये आयोजित किये जा रहें हैं।

ज्ञातव्य है कि उ.प्र.राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं प्रशासनिक न्यायमूर्ति, बस्ती राम मनोहर नरायण मिश्र एवं जनपद न्यायाधीश, बस्ती शमसुल हक के कुशल मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्ती के द्वारा समस्त क्लस्टर जनपद बहराइच, गोण्डा, बलरामपुर, श्रावस्ती व बस्ती के अधिकार मित्रों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन जनपद न्यायाधीश शमसुल हक ने दीप प्रज्वलन कर किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री देवेन्द्र कुमार-प्रथम ने लिविंग प्लान्ट देकर स्वागत किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम सत्र में नालसा स्कीम, बच्चों की मित्रवत् सेवा स्कीम 2024 तथा पीड़ितों के लिए तस्करी और यौन शोषण योजना के संबंध में अपर जनपद न्यायाधीश/एफ.टी.सी. प्रथम ने विस्तार पूर्वक पराविधिक स्वयं सेवकों को जानकारी दिया। इसी प्रकार नालसा की स्कीम एसिड अटैक से पीड़ित लोगों को सहायता तथा कानूनी सहायता हेतु प्रार्थना पत्र तथा लाभार्थियों की पहचान के संबंध में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राज बाबू ने विस्तार पूर्वक जानकारी दिया। द्वितीय चरण में टेक्निकल सेशन में जिला समाज कल्याण अधिकारी लाल जी यादव ने उ0 प्र0 सरकार द्वारा चलायी जा रही कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जिसमें छात्रवृति सामूहिक विवाह योजना व अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों कों वित्तीय सहायता के संबंध में जानकारी दिया। जिला प्रोबेशन अधिकारी राजेश कुमार के द्वारा कल्याणकारी योजना के संबंध में जिसमें विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन के बारे में जानकारी दिया। श्रम कानून के संबंध में नागेन्द्र त्रिपाठी श्रम परवर्तन अधिकारी ने श्रमिकों के अधिकारों तथा सरकार के द्वारा चलायी जा रही योजनाओं के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक मंडल में अटल बिहारी वाजपेयी श्रमिक विद्यालय की स्थापना की गयी। जिसमें श्रमिकों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। अधिकार मित्रों के द्वारा समस्याओं को कैसे निस्तारित किया जाए। इस संबंध में अपर मुख्य़ न्यायिक मजिस्ट्रेट राज बाबू ने दिया। तृतीय सेशन में जे.एम. -प्रथम तनय आकाश ने किशोर न्याय सुरक्षा एवं देखभाल अधिनियम के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दिया। विशेष न्यायाधीश एस.सी./एस.टी. एक्ट राम करन यादव ने बच्चों के यौन हिंसा निवारण अधिनियम की जानकारी देते हुए कहा कि इस अधिनियम में जो 18 वर्ष के आयु के बालक हैं यौन हिंसा को रोकने के लिए कठोर प्रावधान किए गए हैं। पीड़िता के नाम व पहचान सार्वजनिक न करने की रोक लगाई गयी है। ऐसे मामलों में कोई भी पुलिस का अधिकारी रिपोर्ट दर्ज करने में विलम्ब करता है तो छः माह के कठोर प्रावधान किए गए हैं तथा ऐसे हिंसा के मामलों में कठोर दंड की व्यवस्था की गई है। स्त्रियों की सुरक्षा के विभिन्न कानूनी पहलुओं के संबंध में यशी पाण्डेय अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन के द्वारा विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए कहा कि स्त्रियों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है तथा ऐसे पीड़ित व्यक्ति को अधिकार मित्रों को न केवल सहानुभूति पूर्वक उनकी बातों को सुनना तथा उसका निस्तारण कराना है। डाक्टर रफी अहमद विधि विभागाध्यक्ष एस.पी. लॉ कॉलेज ने कार्य स्थल पर यौन हिंसा के पीड़ितों के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि सरकारी व गैरसरकारी महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। ऐसे में कार्यस्थल पर महिलाओं को जागरूक रहना आवश्यक है। चीफ लीगल एड डिफेंस कौशल किशोर श्रीवास्तव ने बच्चों से संबंधित मामलों में अधिकारों के मित्रों के द्वारा चिन्हिकरण तथा सहायता के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों के मामले अधिकतर बाल्य कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत होते हैं। तथा सम्प्रेक्षण गृह में बच्चे रखे जाते हैं वहाँ से संवाद करके चिन्हित किया जा सकता है। इसी प्रकार त्वरित कार्यवाई व सुरक्षित साधनों का उपयोग करके सहायता पहुँचाने के संबंध में जानकारी दिया। जनपद न्यायाधीश ने ओपेन हाउस सेशन में अधिकार मित्रों से जानकारी प्राप्त किया।

