बस्ती जनपद में 5,20,346 किसानों में से 3,71,116 (71.31 प्रतिशत) किसानों ने विभिन्न माध्यमों से अपना फार्मर रजिस्ट्री तैयार:भारती

 

बस्ती सदर और हरैया तहसील के 29 लेखपालों का वेतन रोका गया

बस्ती / प्रदेश में एग्रीस्टैक (डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर फॉर एग्रीकल्चर) के अर्न्तगत किसानों का फार्मर रजिस्ट्री तैयार किये जाने हेतु 6 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक विशेष अभियान संचालित किया गया। उक्त जानकारी देते हुए मुख्य राजस्व अधिकारी कीर्ति प्रकाश भारती ने बताया कि जिलाधिकारी कृतिका ज्योत्सना के निर्देश पर तहसील बस्ती सदर, हर्रैया को प्रति दिवस 3500 एवं भानपुर व रूधौली को 1500 फार्मर रजिस्ट्री प्रति दिवस बनाये जाने का लक्ष्य दिया गया था।

उन्होने बताया कि इसके अतिरिक्त अपर जिलाधिकारी (वि0 एवं रा0)- बस्ती सदर, मुख्य राजस्व अधिकारी-हर्रैया, उमाकान्त तिवारी, (उपजिलाधिकारी अतिरिक्त)-भानपुर तथा राजेश यादव (उपजिलाधिकारी अतिरिक्त)-रूधौली तहसील का भ्रमण कर फार्मर रजिस्ट्री युद्ध स्तर पर तैयार कराये जाने का निर्देश दिया गया है। उन्होने बताया कि जनपद में 5,20,346 किसानों में से 3,71,116 (71.31 प्रतिशत) किसानों ने विभिन्न माध्यमों से अपना फार्मर रजिस्ट्री तैयार करा लिया गया है, अवशेष किसानांे की फार्मर रजिस्ट्री तैयार कराये जाने हेतु लगातार राजस्व विभाग (लेखपाल/राजस्व निरीक्षक)/कृषि विभाग (क्षेत्रीय कर्मचारी)/पंचायत विभाग (ग्राम सचिव/पंचायत सहायक/रोजगार सेवक आदि), ग्राम प्रधान एवं कोटेदार द्वारा लगातार प्रचार-प्रसार कराकर अधिक से अधिक फार्मर रजिस्ट्री तैयार करायी जा रही है।

समीक्षा के दौरान खराब प्रदर्शन करने वाले हर्रैया तहसील के 09 लेखपाल अवधेश यादव, सोनिका वर्मा, सुमित कुमार मौर्य, राहुल गोस्वामी, भोला पासी, राजेश भाष्कर, कौशलेन्द्र कुमार श्रीवास्तव एवं अख्तर आलम का माह अप्रैल का अग्रिम आदेश तक तहसीलदार हर्रैया ने वेतन बाधित कर दिया है जबकि तहसील बस्ती सदर में 20 लेखपालों को नोटिस जारी किया गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत पर रोस्टरवार कैम्प लगाया जा रहा है। मुख्य राजस्व अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी व जनपद के अन्य अधिकारी लगातार क्षेत्र में उपस्थित रहकर फार्मर रजिस्ट्री तैयार किये जा रहे कैम्प कर निरीक्षण किया गया, कैम्प से अनुपस्थित कर्मचारियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।

मुख्य राजस्व अधिकारी ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री से पीएम किसान, फसल बीमा, और अन्य योजनाओं का सीधा लाभ पात्र लाभार्थियों को बिना बिचौलिए के सही पहचान और त्वरित भुगतान होंगा। उन्होने यह भी बताया कि डिजिटल डेटा के आधार पर किसानों की वित्तीय विश्वसनीयता बढ़ती है, जिससे कम ब्याज दर पर कृषि ऋण और केसीसी बनवाना और भी सरल होगा। उन्होने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री हेतु कृषक भाई फार्मर रजिस्ट्री हेतु आवश्यक दस्तावेजों यथा-आधार कार्ड, खतौनी की छायाप्रति एवं आधार से लिंक मोबाइल नम्बर (ओ0टी0पी0) के साथ चलाये जा रहें विशेष अभियान कैम्प पर उपस्थित होकर कृषि/राजस्व/पंचायत विभाग के कर्मचारियों से सम्पर्क स्थापित करें अथवा जन सेवा केन्द्र/मोबाइल के सहायक एप/सेल्फ ऐप से स्वयं भी अपना फार्मर रजिस्ट्री तैयार कर सकते है।

 

Amit Kumar Singh
Author: Amit Kumar Singh