राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के कुल 68,014 वादों का निस्तारण किया गया:जिला जज


बस्ती/राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार व जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्ती शमसुल हक के कुशल मार्गदर्शन में व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्ती द्वारा आज जनपद न्यायालय परिसर, सभी ग्राम न्यायालय, सभी तहसीलों, राजस्व न्यायालय, कलेक्ट्रेट में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। जिसमें नोडल अधिकारी/अपर जिला जज जेबा मजीद, जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना, पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह एवं अन्य विभाग का सराहनीय योगदान रहा।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्ती द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के कुल 68,014 वादों का निस्तारण किया गया जिसमें बैंक ऋण व अन्य प्रकार से सम्बन्धित प्री-लिटिगेशन स्तर पर 65782 मामलों को एवं न्यायालयों के 2232 वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर कराया गया। उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा कुल 86 मामलों निस्तारित किए गए जिसमें रू 3,32,70,000 की धनराशि क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की गई एवं आपराधिक वादों के निस्तारण के फलस्वरूप कुल रू. 2,62,200/- की धनराशि अर्थदण्ड के रूप में वसूल की गयी एवं अन्य मामलों में कुल रू० 1,02,53,630 इस प्रकार कुल रू.12,02,50,605 की धनराशि वसूल की गई। इसके अतिरिक्त प्री लिटिगेशन स्तर के बैंक ऋण के 1174 मामलों को निस्तारित कराकर बैंकों द्वारा रू. 76453215 की धनराशि पर समझौता किया गया।

परिवार न्यायालय से कुल 57 मामलें निस्तारित हुए। बरसों से मुकदमा लड़ रहे अनेक दंपत्ति आज राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह समझौता करके साथ -साथ रहने को सहमत हुए। अनेक उजड़ें हुए घर पुनः बस गए।
उक्त लोक अदालत में पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण मो0 रिजवानुल हक, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय कु० आराधना रानी, अपर जिला जज प्रथम शिव चन्द, अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश (एस.सी./एस.टी. एक्ट) कमलेश कुमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, न्यायालय संख्या 2, बस्ती राम करन यादव, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश(पॉक्सो एक्ट)  विनोद कुमार-VII, अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश(ई.सी. एक्ट), बस्ती अनिल कुमार-XIV, अपर जिला जज/एफ.टी.सी. द्वितीय विजय कुमार किटियार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट  आशीष कुमार राय, सिविल जज(सी.डी.) संदीप समेत समस्त न्यायिक अधिकारीगण ने प्रतिभाग लिया।


उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला कारागार, बस्ती में निरूद्ध बन्दियों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प कला तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन विभाग की ओर से एक जिला एक उत्पाद के तहत उत्पादों की प्रदर्शिनी भी लगाई गई, जो आम जन के क्रय हेतु भी उपलब्ध थी एवं न्यायिक अधिकारीगण तथा कर्मचारीगण एवं अन्य द्वारा उक्त सामग्रियों को क्रय भी किया गया था।

Amit Kumar Singh
Author: Amit Kumar Singh